सफलता का मूल मंत्र क्या है ? क्या है वो आदतें जो आपको सफल बनाती है ?

सक्सेस के मंत्र क्या है ?

किसी भी इंसान के जीवन की सफलता का मूल मंत्र उसकी आदत होती है ! आदमी की जिस तरह की आदतें होंगी उसकी सफलता उसी तरह की होगी अगर आपके अंदर कुछ क्वालिटी से पूर्ण आदते हैं तो निश्चित ही वो आपको अपनी सफलता हासिल करने में अहम योगदान करती है !

सफलता का मूल मंत्र क्या है ? या एक बहुत ही बड़ा प्रश्न है अगर आप गौर से देखेंगे तो सफलता पाने का जो सबसे बेहतर तरीका है वह है कि आप अपने परिणाम पर फोकस मत कीजिए आप हमेशा उस रास्ते पर फोकस कीजिए जो आपको मंजिल तक लेकर जाती है ! यानी अपनी स्किल को बेहतर कीजिए अपने आप को बेहतर कीजिए और पूरी मेहनत और लगन के साथ उस मंजिल तक पहुंचने वाले रास्ते पर चलते रहिए सफलता आपको जरूर मिलेगी !

अगर हम इसे एक उदहारण द्वारा समझने की कोशिश करें तो आप ऐसे समझ सकते हैं कि अगर हमें घड़ी पहनने की ख्वाहिश है तो अपने हाथों को सलामत रखना जरूरी है अगर आप रास्ते पर फोकस करेंगे तो परिस्थितियां खुद-ब-खुद आपके लिए बेहतर से बेहतर परिणाम देने पर मजबूर हो जाएगी और मंजिल आपको जरूर मिलेगी !

सफलता का मूल मंत्र

किसी भी क्षेत्र में सफलता का सबसे बड़ा योगदान निरंतरता का होता है आप जितने ही कंसिस्टेंसी के साथ काम करेंगे उस क्षेत्र में आपको सफलता मिलने के चांस उतने ही ज्यादा होते हैं ! ऐसा देखा गया कि कई बार लोग एक साथ ही कई सारे काम करने लगते हैं और उसमें किसी भी काम को सही तरीके से अंजाम तक नहीं पहुंचा पाते हैं जो कि असफलता का एक सबसे बड़ा कारण रहा है अगर आप अपनी जिंदगी में सफलता की ऊंचाइयों को छूना चाहते हैं तो उसके लिए जरूरी है जब किसी भी क्षेत्र में हो आपको अपने काम के प्रति समर्पण और कंसिस्टेंसी यानी निरंतरता बहुत जरूरी है !

 

सफलता का मूल मंत्र: कभी इरादे मत बदलिए !

कुछ असफलताओं से लोग घबरा करके तुरंत अपनी इरादे बदल लेते हैं आप हमेशा यह बात याद रखिए कि आपकी इरादे बदलने से आप सफल नहीं हो पाएंगे लगातार मिल रही असफलताओं से निराश नहीं होना है आपको उन असफलताओं से सीखना है और उसे दुबारा दोहराना नहीं है बस यही सफल होने का सबसे बड़ा मंत्र है !

असफलता हमारी जिंदगी में कुछ ना कुछ कर दिखाने के लिए ही आती है और एक बात हमें जान लेना बहुत ही जरूरी है कि असफलता उन्हें मिलती है जो कुछ नया करना चाहते हैं पहले से बने बनाये रास्ते पर चलेंगे तो एक अनुकरण होगा अनुकरण में असफलता की गुंजाइश नहीं रहती ! असफलता हमेशा उन्ही लोगों की मिलती है जो अपनी जिंदगी में कुछ अलग करना चाहते हैं कुछ शोध करना चाहते हैं !

थॉमस अल्वा एडिसन जब बल्ब बना रहे थे तो न जाने कितनी बार असफल हुए जब उनसे एक साथी ने पूछा कि आप इतनी बार असफल होने के बावजूद भी आप उतने ही उत्साह के साथ दोबारा कैसे उस काम करते रहते हैं ! तब उन्हें कहा था मान लीजिए कि इस अविष्कार को असफल होने के लिए एक हजार दरवाजे से गुजर ना है तो मैं अभी 700 बार असफल हो चुका हूं यानी कि मुझे सिर्फ तीन सौ और असफल दरवाजों को पार करना है ! और अंत में मुझे सफलता मिल जाएगी उन्होंने कहा था कि आप बस गलतियों को दोहराइये मत सफलता जरूर मिलेगी हमारी जिंदगी में भी सफल होने का सबसे बेहतर तरीका यही है गलतियों कीजिए भरपूर गलतियां कीजिए मगर एक ही गलती को दोबारा मत कीजिएगा यही एक तरीका है !

 

सफलता का मूल मंत्र क्या है ?

महाभारत में सफलता के लिए कुछ सूत्र बताए गए हैं इनका पालन कर आप भी अपनी जिंदगी में आसानी से सफलता की ऊंचाइयों को छू सकते हैं !

उत्थानं संयमो दाक्ष्यमप्रमाwदो धृति: स्मृति:।
समीक्ष्य च समारम्भो विद्धि मूलं भवस्य तु।।

महाभारत के अनुसार इस श्लोक के माध्यम से हम सफलता के सूत्र को समझने की कोशिस करते है !

परिश्रम: कई बार लोग शॉर्टकट रास्ता चुन लेते हैं जल्दी सफलता पाने के चक्कर में मगर उन्हें वो रास्ते से कुछ हासिल नहीं होता यानी कि मनचाहा परिणाम उन्हें हासिल नहीं हो पाता और फिर बाद में निराशा के दौर से गुजरने लगते हैं आपको अपनी जिंदगी में अगर सफलता पाना है तो कभी भी परिश्रम करने से पीछे मत हटिये शार्टकट रास्ते हमेशा क्षणिक होते हैं अगर आपको अगर लंबे समय तक सफलता की ऊंचाई पर बने रहना है तो उसके लिए अथक परिश्रम जरूरी है!

संयम: किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने के लिए संयम बहुत जरूरी है कई बार ऐसा देखा गया है कि लोग छोटी-छोटी असफलताओं पर निराश हो जाते हैं और बहुत ही उतावले हो जाते हैं और जल्दबाजी में कोई ऐसा कदम उठा लेते हैं जिसकी वजह से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है लगातार मिल रही असफलताओं से कभी निराश मत होइए संयम बनाए रखिए किसी भी क्षेत्र में संयम बहुत जरूरी है अगर आप सचमुच में सफलता की ऊंचाई पर बने रहना चाहते हैं या पहुंचना चाहते हैं !

दक्षता: जिस क्षेत्र में आप सफल होना चाहते हैं या मनचाहा परिणाम पाना चाहते हैं तो उस क्षेत्र में आप अपने स्किल को काफी मजबूत कीजिए उस पर काम कीजिए और उसकी स्किल को शार्प बनाइए अपने क्षेत्र में सफलता पाने के लिए अपने फील्ड में धुरंधर बनिए पक्के खिलाड़ी बनिए आपको वो सब मिलेगा जो आप पाना चाहते है !

धैर्य: सफलता पाने के लिए बहुत जरूरी है कभी-कभी लोग लगातार मिल रही असफलताओं से निराश हो जाते हैं और अपने इरादे बदल लेते हैं और फिर वो रास्ते से भटक जाते हैं आपको आकलन करना होगा कि आप क्यों असफल हो रहे हैं उस असफलता को पहचान कीजिए और दोगुनी मेहनत के साथ उस पर लग जाइए सफलता पाने के लिए धैर्य का का होना बहुत जरूरी है !

सावधानी: किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने के लिए आपको जागरूक होना जरूरी है किसी भी क्षेत्र में सफल होने के लिए आ रही समस्याओं को पहले से ही देख लेना और उस पर काम करना बहुत जरूरी है ! कार्य और स्थिति के प्रति जागरूक बने रहिये !

स्मृति: इसका हर क्षेत्र में अपना अलग अलग ही अहमियत है समय और परिस्थिति के अनुसार इसका अहमियत बदलता रहता है जैसे की जब बात ज्ञान वगैरह की बात हो तो वहा याद रखना बहुत जरूरी है जब बात मानवता की आती है तो वहां पर लोगों ने आपको किस परिस्थिति में किस तरह से सहयोग दिया था यह भी याद रखना जरूरी है और उसके अनुसार दूसरे को सहयोग करने से कभी नजर मत चुराइए उसका दिल खोल कर सहयोग कीजिए !

सोच विचार: यह यह भी एक सफलता का बहुत बड़ा मंत्र है अच्छे और बुरे की पहचान हमें जरूर होनी चाहिए अपने अनुभव को बढ़ाइए जितना हो सके उतना अनुभव ग्रहण कीजिए जितना हो सके उतना ज्ञान को अर्जित कीजिए और उसके आधार पर आप किसी भी परिस्थिति में बेहतर से बेहतर एनालिसिस कर पाएंगे और आप बेहतर रिजल्ट प्राप्त कर सकते हैं यानी कि सोचने समझने की शक्ति उतनी ही सुदृढ़ होगी !

 

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