Diet Plan for Diabetes Patient: डायबिटीज रोगी के लिए आहार योजना क्या होना चाहिए ?

मधुमेह से शिकार व्यक्तियों के लिए खानपान का नियंत्रण काफी जरूरी होता है, नहीं तो बहुत ही गंभीर समस्या खड़ी कर सकता है । डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति को क्या खाना चाहिए क्या नहीं खाना चाहिए उसका एक Diet Plan for diabetes Patient का होना बहुत जरूरी है नहीं तो ब्लड प्रेशर हाई या लो भी हो सकता है।

अनियमित जीवन शैली और भाग दौड़ भरी जिंदगी आजकल बहुत ही सामान्य सी बात है, मगर यह सामान्य सी दिखने वाली बात बहुत सारी समस्याएं खड़ी करती है। अनियमित जीवन शैली का दुष्परिणाम बहुत सारे रोगों के रूप में भुगतना पड़ता है, और डायबिटीज यानी मधुमेह उन्हीं में से एक है ।

हमारे शरीर में उत्पन्न होने वाले इंसुलिन अगर गड़बड़ हो जाए या अनियमित हो जाए तो यह ब्लड प्रेशर के रूप में जन्म लेता है, यानी डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति का अग्नाशय शरीर के लिए पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता है, जिसकी वजह से कई सारी समस्याएं खड़ी हो जाती है और वह कई सारे लोगों का शिकार हो जाता है।

 

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डायबिटीज के प्रकार ( Types of Diabetes Patient in Hindi )

डायबिटीज से पीड़ित ( Diabetes Patient ) रोगियों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि, उनके शरीर में इंसुलिन बनता ही नहीं है जिसकी वजह से हमारे शरीर में जरूरी शुगर ब्लड में एकत्रित होने लगते हैं, और हमारी शरीर में मौजूद कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति संवेदनशील नहीं रह जाती है, यानि जब हमारे शरीर में कोशिका संवेदनशील नहीं रह जाएंगी तो फिर यह शुगर हमारे ब्लड में एकत्रित या इकट्ठा होने शुरू हो जाते हैं जो हमारे शरीर के लिए काफी नुकसानदायक है और शरीर के लिए गंभीर समस्या पैदा करती हैं।

डायबिटीज के मुख्यतः दो प्रकार होते हैं टाइप वन डायबिटीज और टाइप 2 डायबिटीज अब इन को बारी-बारी समझते हैं कि टाइप वन डायबिटीज क्या होता है और टाइप टू डायबिटीज क्या होता है तथा इन दोनों टाइप में अंतर क्या होता है और कौन सी टाइप के डायबिटीज हमारे शरीर के लिए सबसे ज्यादा घातक होता है वैसे तो दोनों ही तरह के डायबिटीज घातक होते हैं मगर इन दोनों टाइप के डायबिटीज में सबसे कम और सबसे ज्यादा नुकसान कौन सी टाइप के डायबिटीज हमारे शरीर को नुकशान करता है

 

टाइप वन डायबिटीज क्या है ( What is Type One Diabetes in Hindi )

इंसुलिन का बनना बिल्कुल ही बंद हो जाता है तो यह डायबिटीज वन ( Type-1 Diabetes ) के रूप में गिना जाता है।

टाइप वन डायबिटीज में हमारे शरीर के अंदर इंसुलिन का बनना बंद हो जाता है, और इंसुलिन हमारे शरीर की कोशिकाओं के प्रति संवेदनशील नहीं रह जाती है जिसकी वजह से शुगर हमारे ब्लड में इकट्ठा होने लगता है चाहे Type-1 Diabetes हो या Type-2 Diabetes हो यह किसी भी व्यक्ति को हो सकता है।

Type-1 Diabetes अनुवांशिक कारणों से भी होता है, और अनुवांशिक होने की वजह से यह नवजात शिशु में भी हो सकता है। बच्चों में भी हो सकता है। व्यस्को में भी हो सकता है। यह किसी को भी हो सकता है।

जब हमारे शरीर में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है, तो इंजेक्शन या पंप है एकमात्र उपाय बचता है हमारे शरीर को आवश्यक इन्सुलिन पहुंचाने का। इसीलिए इंजेक्शन या पंप के माध्यम से शरीर में इन्सुलिन पहुंचाया जाता है ।

 

टाइप टू डायबिटीज क्या है ( What is type 2 diabetes )

टाइप टू डायबिटीज मधुमेह का दूसरा प्रकार है इसमें हमारे शरीर में इंसुलिन का बनना बिल्कुल ही कम हो जाता है जिसको हम Type-2 Diabetes कहते है।

लेकिन Type-1 Diabetes में हमारे शरीर में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है, मगर इंजेक्शन या पंप के द्वारा शरीर में इंसुलिन पहुंचाया जाता है, मगर टाइप टू डायबिटीज के मरीजों को दवा के माध्यम से और उनकी जीवनशैली में बदलाव करके इसको नियंत्रित किया जाता है।

टाइप टू के लिए मोटापा, हाइपरटेंशन, अनिद्रा, अनियंत्रित जीवनशैली काफी कुछ जिम्मेदार होता है। सामान्यतः यह वयस्कों में ज्यादा होता है।

चुकी टाइप टू डायबिटीज हाइपरटेंशन मोटापे और अनियंत्रित जीवनशैली अनिद्रा इन सब वजहों से होता है, तो अनियंत्रित जीवनशैली बच्चों में थोड़ी कम होती है व्यस्को में ज्यादा होती है।

इसलिए 45 क्रॉस करते हैं इसका खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि इस उम्र में नींद की समस्या थोड़ी ज्यादा पाई जाती है, जीवनशैली भी अनियंत्रित रहती है जिसका असर हमें देखने को मिलता है और इसी उम्र में मोटापा भी अपना रूप दिखाती है।

जिन जिन लोगों का शरीर ज्यादा मोटा होता है, उनके शरीर में कैलोरी ज्यादा होता है, कोलेस्ट्रॉल भी ज्यादा होता है जिसकी वजह से ऐसे लोग जल्दी शिकार होते हैं।

 

डायबिटीज से होने वाले खतरे क्या क्या है ( What is the Risk From Diabetes in Hindi )

जो लोग डायबिटीज से पीड़ित होते हैं, उनको हार्ट अटैक और हार्ट स्ट्रोक दोनों का ही खतरा बढ़ जाता है ( increased risk of both heart attack and heart stroke for diabetics )।

  • ध्यान रखने वाली बात यह है कि हार्ट अटैक और हार्ट स्ट्रोक दोनों ही अलग-अलग बीमारी है। हार्ट अटैक यानी कि दिल का दौरा पड़ने की संभावनाएं बढ़ जाती है, और हार्ट स्ट्रोक यानि हृदयाघात की भी संभावनाएं बढ़ जाती है।
  • डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति का किडनी भी फेल होने की संभावनाएं बढ़ जाती है।
  • जब व्यक्ति का शरीर मधुमेह से पीड़ित होता है तो पैरों के निष्क्रिय होने की संभावनाएं भी काफी बढ़ जाती है।
  • मधुमेह के शिकार व्यक्तियों का लिवर डैमेज होने की संभावना भी बढ़ जाती है।

 

डायबिटीज रोगी के लिए डाइट प्लान ( Diet Plan for Diabetes Patient in Hindi )

मधुमेह से पीड़ित व्यक्तियों के लिए अपनी जीवनशैली में बदलाव और खान-पान पर नियंत्रण काफी जरूरी होता है। डायबिटीज को कंट्रोल करने का सबसे बेहतर तरीका अपने खान-पान पर कंट्रोल करना है। नियंत्रित आहार लेना काफी जरूरी है नहीं तो शुगर को कंट्रोल करना काफी मुश्किल हो जाता है।

Sugar Disease or डायबिटीज एक मेटाबॉलिक डिसऑर्डर की बीमारी ( Metabolic Disorder Disease) है।

हम जो भी खाना खाते हैं और जब हमारे शरीर में अंदर पहुंचता है तो वह भी अलग अलग कॉम्पोनेन्ट में में विघटित होता है। और फिर वितरित होता है यानि वह ग्लूकोज और अलग-अलग कंपोनेंट में टूटता है, फिर गुलकोज हमारे शरीर में खून के माध्यम से फैलता है।

इसके बाद इंसुलिन ग्लूकोस को ऊर्जा में परिवर्तित करता है, जिससे हमारे शरीर को ऊर्जा मिलती है जिन व्यक्ति का शरीर डायबिटीज से पीड़ित हो जाता है, उनके शरीर में इंसुलिन नहीं बनता है या बहुत कम बनने लगता है, जिसकी वजह से हमारे शरीर में इन्सुलिन का सही इस्तेमाल नहीं हो पाता है।

खाने में पोषक तत्व मात्रा की मात्रा – Nutritional intake for Diabetes Patient in Hindi

शुगर से पीड़ित व्यक्ति को फाइबर रिच फूड (Fiber Rich Foods) ज्यादा खाना चाहिए तथा साथ आते भी ध्यान रखना चाहिए कि उस में शुगर की मात्रा नहीं हो या काफी कम हो।

  • कार्बोहाइड्रेट: 60%
  • वसा: 20%
  • प्रोटीन: 20%

सुबह मेथी पाउडर या भीगी हुई जौ का पानी का सेवन शरीर के लिए फायदा करता है। जौ को पानी में भीगने के लिए 7-8 घंटे पानी में डालकर छोड़ दीजिए फिर उसके बाद उस पानी को छानकर आप पी सकते हैं। मेथी पाउडर एक चम्मच एक गिलास पानी में मिलाकर पी सकते हैं। दोनों का ही सेवन है डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद होता है।

चाय हमेशा शुगर फ्री ही पिए कभी भी शुगर का इस्तेमाल चाय में ना करें।

नाश्ते में अंकुरित चना या अंकुरित दलिया का सेवन कर सकते हैं।

ऑइली फूड जितना हो सके उसका सेवन करने से बचे, पराठे का सेवन ना करें अगर पराठे का सेवन कर रहे हैं तो कोशिश करें कि उसमें तेल बहुत ही कम होना चाहिए या बिल्कुल ना के बराबर होना चाहिए गेहूं की फ्लेक्स के साथ-साथ बिना मलाई वाले दूध दोनों मिलाकर उसका नाश्ते में सेवन कर सकते हैं।

दोपहर में भोजन से एक डेढ़ घंटे पहले जूस का सेवन कर सकते हैं। जूस बिल्कुल ही शुगर फ्री होना चाहिए, पपीते का जूस पी सकते हैं ।अमरूद का जूस पी सकते हैं। शेव और संतरा का भी सेवन कर सकते हैं। मगर इस में शुगर की मात्रा बिल्कुल नहीं होनी चाहिए।

दोपहर में लंच के समय भूख के अनुसार रोटी ले सकते हैं, चावल का सेवन बिल्कुल कम करें दालिया का सेवन करें एक कटोरी दही ले सकते हैं साथ साथ सलाद पेट भर खा सकते हैं।

शाम को स्नैक्स के टाइम पर एक कप चाय बिना शुगर वाली ले सकते हैं, स्नेक्स में हल्का मीठा बिस्किट का सेवन कर सकते हैं, कम तेल में बनी हुई कुछ खाद्य आइटम भी ले सकते हैं।

रात को भोजन में एक कटोरी सब्जी के साथ साथ भूख से थोड़ी कम खाना खाना खाए चपाती का सेवन करें, चावल का बिल्कुल सेवन ना करें तथा खाने के 2 घंटे बाद और सोने से 1 घंटे पहले एक गिलास दूध का सेवन कर सकते हैं। दूध में हल्दी पाउडर एक चैथाई चम्मच मिलाएं आपके स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक होगा।

 

डायबिटीज को ठीक करने का घरेलू उपाय ( Home Remedy to Cure Diabetes in Hindi )

डायबिटीज को कंट्रोल करने का सबसे सरल तरीका है, अपने खान-पान पर नियंत्रण। हम यहाँ ऐसे ही कुछ घरेलू टिप्स बता रहे है जिसको आप अपना कर घरेलू उपचार भी कर सकते हैं, और डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए आप इन घरेलू टिप्स को फॉलो करेंगे तो बहुत फर्क देखने को मिलेगा।

  • तुलसी की पत्तियां: तुलसी की पत्तियों में एंट्री ऑक्साइड पाया जाता है तथा इसमें कई ऐसे तत्व भी पाए जाते हैं, जो हमारे इंसुलिन को सक्रिय करते हैं, और हमारे शरीर में बनने वाले इंसुलिन को बैलेंस रखने के लिए काफी मदद करते हैं। तो सुबह उठकर खाली पेट दो तीन तुलसी का पत्तियां सेवन हमारे शरीर के लिए काफी लाभदायक होगा चाय में तुलसी का पत्ता डालकर भी पी सकते हैं ध्यान रहे चाय शुगर फ्री होना चाहिए।
  • दालचीनी पाउडर: दालचीनी पाउडर हमारे शरीर में इंसुलिन को बैलेंस रखने के लिए काफी मददगार होता है, और निष्क्रिय पड़ी हुई कई सारी ग्रंथियों को दालचीनी पाउडर सक्रिय करता है। इंसुलिन के स्राव के लिए सक्रिय करने में काफी अहम भूमिका निभाता है इसका सेवन नियंत्रित मात्रा में होना जरूरी है ज्यादा सेवन नुकसान पहुंचाता है।
  • ग्रीन टी: ग्रीन टी भी एंटी ऑक्सीडेंट होने की वजह से मधुमेह रोगियों के लिए काफी फायदेमंद होता है, तथा ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में काफी अहम भूमिका निभाता है।
  • सहजन की पत्तियां ( Drumstick leaves ): Diabetes Patient व्यक्ति सहजन की पत्तियों का सेवन कर सकते हैं, यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में काफी अहम भूमिका निभाता है, सहजन की पत्तियों पत्तियों को पीस लें और पानी में मिलाकर उसको छान ले फिर उस रस का सेवन करें काफी फायदेमंद होगा।
  • जामुन बीज ( Berries Seeds ): जामुन में पाए जाने वाला बीज भी मधुमेह रोगियों के लिए काफी फायदेमंद होता है, ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में अभी काफी मददगार होता है जामुन के बीज को एकत्रित कर ले उसको पीस करके उसको एक ग्लास पानी मिलाकर के नियमित सेवन करें यह आपके ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

मधुमेह के रोगियों को क्या नहीं खाना चाहिए – ( What Diabetes Patient Should Not Eat )

शुगर से बिल्कुल ही परहेज करे वैसे खाद्य पदार्थ जिनमे शुगर की मात्रा काफी कयदा होती है। उनको खाने से बचे जैसे अंगूर, चेरी, अनानास केला, बाजार में बिकने वाले जूस आदि का सेवन मधुमेह के रोगियों को नहीं करना चाहिए।

पके हुवे आम अंगूर अनानास आदि में कार्बोहाइड्रेट लगभग 25 स30 ग्राम होता है, अतः इनका सेवन आपके शरीर के लिए हानिकारक होता है। अतः इनके सेवन से बचे।

बाजार में बिकने वाले जूस में शुगर की मात्रा काफी अधिक होती है, अतः इनका भी सेवन मधुमेह के रोगियों के लिए नुकसानदायक होता है।

 

शुगर से पीड़ित व्यक्ति को क्या खाना चाहिए ( What Should Not Eat for Diabetes Patient in Hindi)

Diabetes Patient व्यक्ति को ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमे फाइबर की मात्रा अधिक होती है, और उनका सेवन करना चाहिए तथा वैसे खाद्य पदार्थ जिम में शुगर की मात्रा ज्यादा होती है उनके सेवन से परहेज करना चाहिए।

  • सब्जियों और फलों का सेवन अधिक करें आराम से पचने वाली खाद पदार्थों का सेवन करें साबुत अनाज, नट्स आदि का सेवन से शरीर के लिए फायदेमंद होता है यह सब ऐसे खाद्य पदार्थ है जो आसानी से बच जाते हैं।
  • मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति को कद्दू का सेवन करना चाहिए सार्थक पति दाल हरी पत्तेदार सब्जियों का भी सेवन कर सकते हैं पपीता कच्चे पपीता का सब्जी बना कर खाएं यह भी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होगा सांसद तरबूज टमाटर अभी भी तब दायक होता है।
  • मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति को कद्दू का सेवन करना चाहिए साथ साथ हरी हरी पत्तेदार सब्जियों का भी सेवन कर सकते हैं कच्चे पपीता का सब्जी बना कर खाएं यह भी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होगा तरबूज, टमाटर का भी तब सेवन सेहत के लिए फायदेमंद होता है।
  • नाश्ते में प्रोटीन को वरीयता दें ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करें जिन में प्रोटीन की मात्रा प्रचुर मात्रा में है और जैसे अंकुरित चना, दलिया आदि का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद होता है।
  • भिंडी, गाजर, खीरा, पत्ता गोभी आदि का सेवन मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति के लिए काफी फायदेमंद होता है जिससे शरीर में ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है।

 

डायबिटीज के रोगियों के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स ( Some Important Tips for Diabetes Patients in Hindi )

Diabetes Patient व्यक्ति को कुछ बातें ध्यान में रखनी चाहिए जैसे खाना खाते वक्त कभी भी एक साथ पूरी तरह से पेट भर खाना ना खाए थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाते रहे इससे आपके डाइजेशन में आसानी होगी और जो भी आप खाएंगे पूरी तरह से पचेगा और आपका ब्लड शुगर कंट्रोल में रहेगा।

डायबिटीज पेशेंट के लिए फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ काफी फायदेमंद होता है इनको आप छिलके के साथ खाएं छिलकों को अलग ना करें गेहूं की रोटी, जौ आदि में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा सही रहती है और आपकी ब्लड शुगर कंट्रोल करने में काफी सहायक होते हैं।

मूंगफली में प्रोटीन प्रचुर मात्रा में होती है Diabetes Patient के लिए मूंगफली का सेवन काफी फायदेमंद होता है, साथ-साथ कच्चे नारियल का भी सेवन कर सकते हैं सब्जियों में शिमला मिर्च की सब्जी बना कर खा सकते हैं। आहार में सलाद की मात्रा को जरूर बढ़ाना चाहिए सलाद में हरी पत्तेदार खाद्य पदार्थों का मिक्सर तैयार करें और उसका सेवन करें।

डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति को घरेलू उपचार वाले टिप्स जरूर फॉलो करना चाहिए जैसे तुलसी की पत्तियों का सेवन जरूर करना चाहिए ।ग्रीन टी पी सकते हैं। ग्रीन टी में एंटी ऑक्साइड होता है तुलसी में भी एंटी ऑक्साइड पाया जाता है, जो शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है और ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखता है।

 

मधुमेह नियंत्रित करने वाली जीवनशैली (Lifestyle for Diabetes Patient )

नियंत्रित जीवन शैली एक ऐसा माध्यम है जिसकी वजह से बहुत सारे रोगो को दूर किया जा सकता है उसमें डायबिटीज भी आता है हम अपनी जीवनशैली में सुधार कर काफी हद तक डायबिटीज से होने वाली परेशानियों से बच सकते हैं डायबिटीज से पीड़ित (Diabetes Patient ) व्यक्ति के लिए किस तरह का जीवन शैली होना चाहिए इस पर एक बार गौर करते हैं।

  • नियमित रूप से व्यायाम जरूर करें अगर आप व्यायाम नहीं कर पाते है तो कुछ किलोमीटर रोजाना पैदल चले इस से आपका शुगर नियंत्रित रहेगा।
  • अपनी दिनचर्या में टहलना जरूर शामिल करें डालना सेहत के लिए काफी लाभदायक होता है और इससे कोलेस्ट्रॉल काफी नियंत्रित भी रहता है।
  • शराब बीड़ी सिगरेट दारू आदि का सेवन ना करें जितना हो सके इनसे परहेज करें इनका जरा सभी सेवन सेहत के लिए काफी बुरा साबित हो सकता है।
  • किसी भी परेशानी का टेंशन ना पाले तनाव मुक्त जीवन जिएv

 

योग, आसन और व्यायाम बचाव का है तरीका ( Yoga, Asanas and Exercise are The Way to Control Diabetes )

योगा ध्यान और व्यायाम हमें कई सारी रोगों से लड़ने के लिए शक्ति प्रदान करता है यह एक प्राकृतिक तरीका है जिसके माध्यम से कई सारे रोगो से बच सकते हैं ऐसे ही कुछ लोग आसन को जानते हैं जिसके द्वारा हम ब्लड शुगर को कंट्रोल कर सकते हैं।

पश्चिमोत्तानासन: यह कैसा है योग है जिसकी मदद से हम डायबिटीज पीड़ित व्यक्ति ब्लड शुगर को कंट्रोल कर सकते है वैसे तो यह कई सारी रोगों में लड़ने के लिए हमें शक्ति प्रदान करता है, मगर यह काफी आसान योगा है और इसे कोई भी आसानी से कर सकता है इसलिए डायबिटीज पीड़ित व्यक्ति को भी इसका रोजाना अभ्यास करना चाहिए।

Paschimottasnasan yoga for Diabetes Patient

धनुरासन: यह ऐसा योगासन है जिसकी मदद से न सिर्फ शुगर पीड़ित व्यक्ति अपना ब्लड शुगर कंट्रोल कर सकते हैं, बल्कि मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति भी अपना मोटापा कम करने के लिए इस योगासन का नियमित रूप से अभ्यास कर सकते हैं। जैसा कि नाम से ही ज्ञात होता है मनुष्य को अपने शरीर को धनुष के आकार में ढालना होता है और कुछ देर तक इसका अभ्यास करना होता है।

शवासन: वैसे तो शवासन सबसे आसानतम योगा में गिना जाता है मगर इसके फायदे बहुत सारे हैं। डायबिटीज कंट्रोल में यह भी भूमिका निभाता हैv इसमें आप एक चटाई बिछाये और अब जमीन के बल लेट जाए और चित्र में जैसे दर्शाया गया वैसे आप करें अपने दोनों पैरों को फैलाएं तथा फैलाते वक्त पैरों के बीच में थोड़ा अंतर रखें इस दौरान आप दोनों हाथों को शरीर से लगभग 1 फीट की दूरी पर रखें अब अपनी आंखों को बंद कर ले और धीरे-धीरे सांसो को खींचे और छोरे ये प्रक्रिया दोहराते रहे सांसो की गिनती करते रहे आंखें इस दौरान बंद रखें और मन में इस गिनती को काउंट करते रहें।

shavaasan yoga for diabetics Patient

Hemant Kumar Singh

नौकासन: जैसा कि नाम से ही मालूम पड़ रहा है कि नौकासन योग करते वक्त हमारा शरीर नौके के आकार में होना चाहिए दोनों पैरों को उठाएं और उसके समांतर में दोनों हाथों को उठाकर ले जाए और ऐसे ही कुछ देर तक अभ्यास करते रहे इसे करने से मधुमेह रोगियों को काफी आराम मिलता है ।

Naukashan Yoga for Diabetic patients

Hemant Kumar Singh

 

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