खाने में मिर्च का सेवन कितना जरुरी: मिर्च खाने के फायदा और नुकसान क्या क्या है ?

मिर्च का सेवन (mirch ka sevan) तो वैसे चटपटी चीजों को बनाने में किया जाता है। जब भी मिर्च की बातें की जाती है, हमारे दिमाग में चटपटे व्यंजनों का ख्याल उभर कर सामने आ जाता है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि किसी भी चीज की अधिकता किसी ने किसी तरह से हमें नुकसान पहुंचाती है। इसी तरह मिर्च के अधिक सेवन करने से हमें कई तरह के नुकसान (mirch khane ke nuksan) झेलने पड़ते हैं। या यु कहे की कई सारी बीमारियों की तरफ ले जाता है। आज इसी के बारे में चर्चा करेंगे कि हरी मिर्च खाने के क्या फायदे (hari mirch khane ke fayde kya hai) हैं ? उसमें क्या विटामिंस मौजूद होते है? और क्या जरुरी पोषक तत्व मौजूद रहते हैं। लाल मिर्च खाने के क्या फायदे हैं? तथा उसमें जरूरी पोषक तत्व क्या होते हैं? और दोनों के नुकसान के बारे में पता करेंगे कि लाल मिर्च हरी मिर्च के नुकसान क्या क्या है।

 

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5 हरी मिर्च खाने के फायदे ( Benefits of Eating Green Chilli in Hindi)

लाल मिर्च और हरी मिर्च का उपयोग (Use of Red chilli and Green chillies in Hindi)

वैसे तो लाल मिर्च और हरी मिर्च दोनों का ही उपयोग सब्जिया बनाने में किया जाता है, मगर अगर हम मुख्यतया तौर पर बात करे तो लाल मिर्च का उपयोग आचार बनाने में किया जाता है। हरी मिर्च का उपयोग मुख्यतः सब्जियों में इस्तेमाल की जाती है। हालाँकि लाल मिर्च में नमी की मात्रा काफी कम होने की वजह से यह ज्यादा लम्बे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है। जबकि हरी मिर्च के आचार कुछ लंबे समय तक टिक नहीं पाते हैं क्युकी उनमे नमी की मात्रा ज्यादा पाई जाती है।

हरी मिर्च में पाए जाने वाले पोषक तत्व (Nutrients in green chillies in Hindi) हमारे शरीर के लिए काफी लाभदायक होते हैं यह पोषक तत्व है।

  • विटामिन ए
  • बी6
  • सी
  • आयरन
  • कॉपर
  • पोटेशियम
  • प्रोटीन
  • और कार्बोहाइड्रेट

पोषक तत्वों के अलावा कुछ ऐसे भी तत्व पाए जाते हैं जो हमारे लिए फायदेमंद होते हैं और यह हैं बीटा कैरोटीन, क्रीप्टोक्सान्थिन, लुटेन -जॅक्सन्थि‍न आदि ये सारे ऐसे तत्व हैं। जो हमारे स्वास्थ्य से जुड़ी कई सारी समस्याओं (health problems) को खत्म करने में मदद करता है।

Hari Mirch ke sevan ke fayda

 

तीखा खाना कितना जरूरी (How Important is Spicy Food in Hindi)

संतुलित मात्रा में तीखा खाना हमारे शरीर के लिए जरूरी होता है तीखा खाने से हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म सही रहता है और इससे वजन कम करने में (chilli helps in weight losses) सहायता मिलता है।

एक अध्ययन के अनुसार नियमित रूप से हरी मिर्च खाने से मेटाबॉलिज्म लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। जिसके कारण वजन नियंत्रित रहता है, क्योंकि हरी मिर्च में कैपसाइसिन नामक एक एंटीऑक्सीडेंट होता है। जिसकी सेवन करने से शरीर में गर्मी बढ़ती है और मेटाबॉलिज के स्तर को संतुलित रखने में काफी सहायता प्रदान करता है।

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बहुत तीखा खाना सेहत के लिए है नुकसानदायक ( Eating too Spicy is Harmful for Health in Hindi)

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि किसी भी चीज की अधिकता त्याग देनी चाहिए उसी तरह ज्यादा तीखे खाद्य पदार्थो का सेवन करने से हमारे शरीर को कई सारे नुकसान झेलने पड़ते हैं।

ज्यादा तीखा खाने से उत्तकों में सूजन आ सकता है, एक उदहारण के तौर पर अगर हम देखें तो स्कॉटलैंड के एक शहर में किलर कढ़ी खाने की प्रतिस्पर्धा होती है जिसमें कई सारे प्रतियोगी भाग लेते हैं एक प्रतियोगिता के दौरान ज्यादा मात्रा में किलर कढ़ी खाने की वजह से कई सारे प्रतिभागी उसी वक्त फर्श पर गिरने लगी और दर्द से छटपटाने लगे फिर तुरंत उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा ।

 

ज्यादा मात्रा में मिर्च का सेवन के नुकसान – Jyada lal Mirch Khane ke Nuksan

ज्यादा मात्रा में मिर्ची का सेवन करने से हमारे शरीर को नुकसान (Hari mirch ke nuksan) तो पहुंचता ही है, साथ में ऊतकों में सूजन आ जाती है। वहीं कई ऐसे अध्ययन हुए हैं कई सारे ऐसे रिसर्च हुए हैं जिसमें यह पाया गया है, कि अगर ज्यादा मात्रा में मिर्ची का सेवन की जाए तो उससे आदमी की जान भी जा सकती है।

पेट में गर्मी बढ़ती है (Green Chilli Increases Stomach Heat in Hindi)

जरूरत से ज्यादा में हरी मिर्च का सेवन करने से पेट में गर्मी (pet ki garmi) बढ़ती है, और इसमें फाइबर की अधिकता होने की वजह से आपको डायरिया जैसी बीमारी हो सकती है।

पेट में जलन और दर्द (Pet mein jalan aur dard)

अधिक मात्रा में हरी मिर्च खाने के नुकसान (disadvantages of eating green chilli in Hindi) यह है की पेट में गर्मी ज्यादा बढ़ जाती है और पेट में गर्मी बढ़ने से पेट में जलन और दर्द दोनों एक साथ हो सकता है। इसके बाद आप को चक्कर आ सकता है और चक्कर आने के साथ साथ आप गिर भी सकते हैं।

बवासीर होने की संभावना (Green MIrch Increases Piles chances in Hindi)

खाने में मिर्च की अधिकता बाबासीर जैसी बीमारी का सबसे प्रमुख कारक में से एक है। ज्यादा मात्रा में मिर्ची का सेवन करने से स्वस्थ व्यक्ति को भी बवासीर होने की संभावना बढ़ जाती है।

पेट में जलन और बेहोशी (Hari Mirch se Pet me Jalan aur Behoshi)

अमेरिका के अस्पताल में हाल ही में एक मरीज दाखिल हुआ था। वह काफी तेजी से काँप रहा था उसके पेट में भयंकर जलन हो रही थी और वह बेहोश पड़ा हुआ था। डॉक्टर को लग रहा था, कि शायद इसको कोई रहस्मय बीमारी है या शायद इसने जहर खा लिया हो मगर जांच के बाद पता चला की इसने “कैरोलिना रीपर” (ये जेलापीनो पेपर से 275 गुना अधिक तीखी मिर्च है ) नाम का मिर्च का सेवन बहुत ज्याद कर लिया था।

ज्यादा हरी मिर्च के सेवन से उल्टी, दस्त (Vomiting, Diarrhea Due to Consumption of More Green Chillies)

शरीर में मिर्ची की मात्रा अधिक पहुंचने (hari mirch ke nuksan) से या सेवन करने से उल्टी, दस्त, पेट में दर्द और पसीना निकलने के रूप में बहुत ही सामान्य सी प्रतिक्रिया है क्योंकि इससे शरीर में गर्मी की अधिकता बढ़ जाती है और शरीर में गर्मी की मात्रा ज्यादा होने की वजह से यह प्रतिक्रिया तुरंत देखने को मिल जाती है।

पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा मिर्च तुर्की में खाया जाता है (Turkey people eat more chilly) यहां पर औसतन एक व्यक्ति 86.6 ग्राम रोजाना तीखी मिर्च का सेवन करता है।

रेक्टल में सूजन

जो लोग बवासीर जैसे बीमारी से जूझ (Hari mirch se bavasir bimari me nuksan) रहे है, उनको हरी मिर्च का सेवन नहीं करना चाहिए क्युकी इसका सेवन करने से रेक्टल में सूजन आ सकती है हरी मिर्च की मात्रा अधिक होने पर उनके मल के रास्ते से खून निकलने की समस्या अधिक हो सकती है।

मुँह में छाले (Hari Mirch se Muh Me chhale)

जिन लोगों के मुंह में छाले पहले से पड़े हुए हैं, उनको भी हरी मिर्च का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे पेट में गर्मी बढ़ती है और यह नई छालों को जन्म देती है हरी मिर्च की अधिकता की वजह से पेट में गर्मी ज्यादा बढ़ती है और यह नहीं छालो को जन्म देती है।

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Mirch ke sevan ke fayda aur nuksan

 

लाल मिर्च का अन्य भाषाओं में नाम (Red Chilli Ka Dusre Bhasha Mein Name)

– लाल मिर्च (Red Chilli name in Hindi ) को हिंदी में लाल मिर्च ही कहते है।

– लाल मिर्च को हमारी सबसे प्राचीन भाषा या संस्कृत (Sanskrit Name of Red Chilli ) में रक्तमरीच, लंका, पिटकारिणी, कटुवीरा आदि नामो से जानते है।

– मराठी में लाल मिर्च(Red Chilli) को लाल मिर्चा (Lal mircha) और मुलुक (Muluk) नामो से जाना जाता है।

– कन्नड़ भाषा यानि कर्णाटक (Kannada language) में लाल मिर्च को मेनासिन(Menasin), हंसीमेन्सु (Hansimenasu) भी कहा जाता है।

– गुजराती भाषा में लाल मिर्च को मरचा (Marcha) भी बोला जाता है।

– तमिल भाषा(Tamil language) में मिर्च को सिलागे(Silage), मिलागई(Milgai), उसीमुलागे (Usimulagay) आदि से जाना जाता है।

– नेपाल में लाल मिर्च को खुशिनी कहा जाता है (Red Chili Nepali Name is Khushini )।

– मलयालम (Malayalam) में रेड चिल्ली को चली (Chalie), मूलकू (Mulaku) कहा जाता है।

– तेलगु में रेड चिल्ली को (Red Chilli Name in Telegu) मिर्चा काया (Mircha kaya), सुदमिराप काया (Sudmirapa kaya) कहा जाता है।

– वेस्ट बंगाल में लाल मिर्च को (Red Chilli Name in Bengali) लंका मोरिच (Lanka morich), गाछमरिच (Gach marich) कहा जाता है।

 

लाल मिर्च खाने के फायदे (Benefits of eating red chili in Hindi)

हमारे दैनिक जीवन लाल मिर्च का सेवन किसी न किसी रूप में करते है लाल मिर्च के फायदे (Lal Mirch ke Fayde) सांस से जुड़ी बीमारियों में, पेट दर्द में, मधुमेह या डायबिटीज की बीमारी आदि में काफी मिलता है।

श्वसन से जुड़ी किसी भी तरह की बीमारी में लाल मिर्च तुरंत लाभ प्रदान करता है।

 

हरी मिर्च खाने के फायदे ( Benefits of Eating Green Chilli in Hindi)

हरी मिर्च खाने के ढेरों फायदे (hari mirch ke fayde) हैं, हरी मिर्च में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हमारे शरीर के लिए लाभदायक होते हैं और पोषक तत्व को विस्तार से जानते हैं।

पाचन के लिए फायदेमंद (Green Chilli Beneficial for Gigestion in Hindi)

हरी मिर्च में एंटी ऑक्सीडेंट होने के साथ-साथ फाइबर भी प्रचुर मात्रा में होती है, जो किसी भी तरह के डाइजेशन के लिए फायदेमंद होता है।

विटामिन सी का धनी स्रोत है हरी मिर्च (Green chilli is a rich source of vitamin C)

विटामिन सी का बहुत ही धनी सोर्स है हरी मिर्च हरी मिर्च का सेवन करने से हमें विटामिन सी की प्राप्ति होती है, जो अन्य विटामिंस को अवशोषित होने के लिए सहायक होता है।

विटामिन ए (Vitamin A)

विटामिन ए की मात्रा भी हरी मिर्च में पाई जाती है, जो कि आंखों की सेहत के लिए स्वास्थ्यवर्धक होती है।

वजन कम करने में सहायक (Vajan Kam Karne me Hari Mirch)

नियमित रूप से 30 ग्राम हरी मिर्च का सेवन आपको वजन नियंत्रित करने में सहायता प्रदान करता है, क्योंकि यह शरीर में कैलोरी इकट्ठा नहीं होने देता हरी मिर्च खाने से पेट में गर्मी आती है और कैलोरी बर्न होने लगती है जोकि वजन कम करने में सहायता(Helpful in reducing weight) मिलता है।

यह भी पढ़ें: वजन कैसे घटाएं ? वजन घटाने के घरेलु नुस्खे ?

दिमाग को फ्रेश रखने में हरी मिर्च (Green chili to keep the mind fresh in Hindi)

कई सरे ऐसे तत्व होते है जो हरी मिर्च में पाए जाते हैं जो हमारे मस्तिष्क में एंडोर्फिन नामक रसायन को स्राव करती है, जिस से दिमाग को फ्रेश रखने में सहायता मिलती हैं। अगर आपको अपने मूड को फ्रेश रखना है बूस्ट रखना है तो उसके लिए रोजाना 30 ग्राम हरी मिर्च का सेवन कर सकते हैं।

त्वचा के लिए हरी मिर्च (Green chili for skin in Hindi)

हरी मिर्च में कई ऐसे रसायन होते हैं जो दवा की तरह काम करते हैं, यह एक एंटीबैक्टीरियल दवा की तरह व्यवहार करता है इसके सेवन करने से अंदरूनी तौर पर हमें किसी भी तरह की इन्फेक्शन होने की संभावना काफी कम हो जाती है यह हमारे शरीर की त्वचा के लिए एंटी इंफ्लेमेटरी मेडिसिन जैसा ही काम करता है।

प्रतिरोधक क्षमता के लिए फायदेमंद (Green Chilli is Beneficial for Immunity in Hindi)

हरी मिर्च में मौजूद विटामिन हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता के लिए काफी फायदेमंद होते हैं, उन्हें पोषक तत्व में से एक है विटामिन सी जब हमें जुकाम हुई हो और नाक बंद हो गई हो उस वक्त अगर हरी मिर्च का सेवन करते हैं तो यह तुरंत असर करता है और बंद पड़ी नाके तुरंत खुल जाती है।

हरी मिर्च कैंसर से बचाव में फायदेमंद (Beneficial in cancer prevention in Hindi)

हरी मिर्च का सेवन कैंसर जैसी घातक बीमारी से भी हमें बचाता है हरी मिर्च का नियमित मात्रा में सेवन करने से उस में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट हमारे प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं जो की साथ साथ आतंरिक सफाई भी करता है और कैंसर जैसी बीमारी के लिए फ्री रेडिकल से बचाते है।

विटामिन ई का प्रचुर स्रोत हरी मिर्च (Rich source of Vitamin E Green Chilli)

विटामिन ई का प्रचुर स्रोत हरी मिर्च (Vitamin E ka srot hari mirch)को माना जाता है इसमें मौजूद विटामिन हमारे शरीर की त्वचा के लिए फायदेमंद होता है। यह त्वचा को स्वस्थ बनाये रखने के साथ साथ त्वचा में कसाव भी लाता है, जिससे हमारा चेहरा खिला खिला रहता है और जवान दिखता है।

प्रोटेस्ट कैंसर से बचाता है (Protects against Protest Cancer)

प्रोटेस्ट कैंसर पुरुषों के लिए गंभीर समस्या है हरी मिर्च का सेवन इस समस्या से काफी हद तक दूर रखने में सहायता प्रदान करता है, इस में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट पुरुषों के लिए काफी लाभप्रद होता है और प्रोटेस्ट कैंसर से बचाता है।

दिल से जुड़ी बीमारियों में (Green chilli is Benificial in Heart related diseases in Hindi)

दिल की गंभीर बीमारियों में भी हरी मिर्च का सेवन लाभप्रद होता है कई सारे ऐसे शोध हुए हैं जिसमें यह पाया गया है कि दिल से जुड़ी बीमारियों को ठीक करने(Hari mirch dil ki bimari me fayda) के लिए भी हरी मिर्च खाना फायदेमंद होता है।

चोट या घाव को जल्दी भरने के लिए (Green chilli uses in injuries in Hindi)

किसी भी तरह के चोट या घाव को जल्दी भरने के लिए भी हरी मिर्च में पाए जाने वाले विटामिन सी लाभप्रद होता है तथा इन समस्याओं को दूर करता है इसके सेवन करने से किसी भी तरह की चोट या घाव को जल्दी भरने के साथ साथ हडियॉ भी मजबूत करने में सहायता प्रदान करता है।

हरी मिर्च मेटाबॉलिज्म के लिए फायदेमंद (Hari mirch metabolism ke liye faydemand)

कई सारे रिसर्च हुए हैं जिसमें यह पाया गया है कि हरी मिर्च का सेवन करने से मेटाबॉलिज संतुलित रहता है और यह वजन को कम करने में सहायक होता है हरी मिर्च के अंदर कैपसाइसिन नामक एक एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो शरीर में गर्मी बढ़ाता है। जिसकी वजह से हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म सही तरीके से काम करता है और वजन नियंत्रित रखने में सहायता करता है।

पेट से जुड़ी समस्या में फायदेमंद (Green Chilli Home Remedies For Indigestion)

पेट से जुड़ी ज्यादातर समस्या को खत्म करने के लिए हरी मिर्च का सेवन कर सकते हैं, इसमें मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट कैप्साइसिन पेट में कब्ज की समस्या से निजात दिलाता है तथा पाचन तंत्र को मजुबत करने में सहायता भी करता है तथा पर्याप्त मात्रा में फाइबर की मौजूदगी खाने को पचाने में मदद करता है।

वजन घटाने में सहायक हरी मिर्च (Green Chilli Helps in Weight Loss in Hindi)

जो लोग फिटनेस के शौकीन है वो लोग हरी मिर्च का सेवन वजन घटाने में भी उपयोग करते हैं। हरी मिर्च में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट मेटाबॉलिज्म के स्तर को सही रखता है। जिससे शरीर में रक्त संचार सही मात्रा में होता है तथा शरीर में कैलोरी इक्कठा नहीं होने देता जिसकी वजह से मोटापा नहीं आता ।

मधुमेह बीमारी में आराम (Diabetes Relief by Green Chilli in Hindi)

नियमित रूप से 30 ग्राम हरी मिर्च का सेवन करने से डायबिटीज रोगियों को मधुमेह बीमारी (Eat green chili in diabetes) में काफी आराम मिलता है क्योंकि यह शरीर में मौजूद शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक होता है। चुकी हरी मिर्च में एंटी ऑक्सीडेंट होने की वजह से मेटाबॉलिज्म स्तर को प्रभावित करता है, तो शरीर में मौजूद शुगर की मात्रा भी नियंत्रित रहती है।

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