कृषि बिल: कृषि बिल क्या है ? मोदी सरकार के तीनो बिल को विस्तार से !

मोदी सरकार के द्वारा कृषि से जुड़े तीन बिल पास किए गए हैं, आखिर क्या है ? कृषि कानून बिल 2020 इसके बारे में विस्तृत जानकारी हासिल करते हैं ! इस अध्यादेश को पारित करने में इतनी जल्दबाजी क्यों की गई ? और इसके तीनों नियम क्या है ? और यह किस तरह से किसानों को फायदा पहुंचा सकते हैं ? और जब फायदा पहुंचा सकते हैं तो आखिरी किसान आंदोलन क्यों कर रहे हैं ? और मोदी सरकार उनकी मांगों को क्यों नहीं मांग रही है ? यह सब के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल करते हैं पहले यह समझ लेते हैं कि आखिर किसी कानून बिल क्या है और एक केंद्र सरकार के द्वारा कृषि कानून के तीनों बिल जो पास किए गए हैं उसमे ऐसा क्या की इतना बड़ा हंगामा खरा हो गया है !

कृषि बिल kya hai

क्या है पहला कृषि कानून ?

आवश्यक वस्तु संशोधन: ( Essential Commodities Amendment ) :

Essential Commodities Amendment नियम के तहत विक्रेता किसी भी खाद्य पदार्थ का भंडारण कर सकते हैं ! इस बिल के पहले ऐसा नियम नहीं था इस बिल के पहले कोई भी किसी भी खाद्य पदार्थ का भंडारण यानि Food Storage नहीं कर सकता था ! क्योंकि भंडारण करने से कालाबाजारी बढ़ती है बिचौलिये इसका खूब फायदा उठाते हैं !

मगर इस Essential Commodities Amendment Laws के तहत इस में संशोधन करके बताया गया है कि आप सिर्फ दो ही परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों का भंडारण नहीं कर सकते हैं पहला युद्ध दूसरा आपदा इन दो परिस्थितियों में ही विक्रेता खाद्य पदार्थों का भंडार नहीं कर सकते हैं !

मान लीजिए कि कोई बड़ा विक्रेता किसी पर्टिकुलर खाद पदार्थ का भंडारण कर लेता है और वह तब तक बाजार में नहीं उतारता है जब तक कि बाजार में उसका शॉर्टेज ना हो जाए और जब बाजार में उस खाद पदार्थ की मांग बढ़ेगी तो उसकी कीमत बढ़ती जाएगी और फिर भंडारण करने वाले विक्रेता उस खाद्य पदार्थ को को मार्केट में उतारेंगे और खाद पदार्थ पर भरपूर फायदा उठाएंगे !

 

क्या है दूसरा कृषि बिल ?

इस बिल के तहत मोदी सरकार ने सभी किसानों के लिए एक फ्रेमवर्क तैयार करने की कोशिश की है ! यांनी किसान कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के जरिए अपने खेतों में कंपनियों के साथ बातचीत करके कांटेक्ट बेस पर खेती कर सकते हैं !

कंपनियों की आवश्यकता के अनुसार उसमे फसल उगा सकते हैं ! और कंपनी उनके बदले में उन्हें एक निश्चित प्राइस तय करेगी और उसका भुगतान करके उस आनाज को ले जाएगी !

इस बिल के तहत कृषि पैदावारओं की बिक्री, फॉर्म सर्विसेज, कृषि बिजनेस फार्म, थोक विक्रेताओं, बड़े खुदरा विक्रेताओं और एक्सपोर्ट के साथ किसानों को एकदम पर जुड़ने के लिए सहयोग प्रदान करता है !

इस नीति के तहत सरकार का मानना है इस से क्वालिटी पैदावार होगी पैदावार ज्यादा बढ़ेगी और किसान इसका भरपूर फायदा उठाएंगे ! किसानों को इसके लिए उन्हें कर्ज की सहूलियत मिलेगी खेती करने के लिए हर तरह से तकनीक उन्हें मिलती रहेगी और फसल की पैदावार काफी उन्नत होगी !

Farmer Agreement and Price Assurance and Farm Service Bill: किसान समझौता और मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा बिल: इस कानून के तहत संशोधन करके यह बताया गया है कि किसान कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग कर सकेंगे !

किसानों की सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि वह जब फसल बोने जाते हैं उस वक्त मार्केट में उस फसल की प्राइस काफी हाई चल रही होती है लेकिन जब फसल कटने को तैयार हो जाती है कट करके बाजार में आती है ! तो उसकी मूल्य काफी डाउन हो जाती है जिसकी वजह से किसान काफी निराश हो जाते हैं उनको उचित मूल्य नहीं मिल पाता है !

अभी Contract Farming के जरिए किसान पहले से ही उस फसल की रेट तय कर सकेंगे और जब फसल तैयार होगी और किसान फसल काटेंगे तो पहले से ही तय मूल्य के आधार पर वह कंपनियों को बेच देंगे !

 

क्या है तीसरा कृषि बिल ?

कृषि बिल के तीसरे नियम में यह बताया गया है कि कुछ सामानों को जरूरी फेहरिस्त से हटाने की जरूरत है जैसे कि अनाज दाल तिलहन खाने वाले तेल आलू प्याज कुछ जरूरी चीजें हैं जो हम दैनिक जीवन में उपयोग करते हैं !

इस बिल के तहत कुछ चीजों को इस लिस्ट से हटाने की जरूरत है ताकि किसानों को उचित मूल्य मिल सके और बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकें जिससे किसानों को उचित मूल्य मिल सकेगी !

Farmer Produce Trade and Commerce Bill: कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य विधेयक: इस नियम के तहत सुधार करके बताया गया है की आप सामान को एक राज्य से दूसरे राज्य में बेच सकते है ! ऑनलाइन होने की वजह से आप देश के किसी भी कोने में आनाज बेच सकते है बिचौलिए का इसमें कोई रोल नहीं रह जायेगा !

कृषि कानून बिल के तहत किसान एक राज्य से दूसरे राज्य में अपने अनाज को आसानी से बेच सकते हैं ! इससे दो राज्यों के बीच में ज्यादा से ज्यादा बिजनेस होगा और कारोबार बढ़ेगा इसके अलावा मार्केटिंग और ट्रांसपोर्टेशन खर्च में भी काफी कटौती होगी जिससे हमारे देश के अन्नदाता इस देश के किसी भी कोने में अनाज को आसानी से बेच सकते हैं ! मोदी सरकार का कहना है कि इससे किसानों को बहुत लाभ होने वाला है !

 

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