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Darkest Parts of Software Developers and IT Industry in Hindi

आज इस पोस्ट के माध्यम से मैं आपको आईटी इंडस्ट्री की कुछ ऐसे गहरे राज ( Darkest Parts of Software Developers in hindi ) बताऊंगा जिसे हर कर्मचारी को इसके बारे में जानना चाहिए।

इस इंडस्ट्री में काम करने के ढेरों फायदे है मगर वो कहते है न की जहा फायदा होता है वह नुकसान भी होता है।

उसी तरह इस इंडस्ट्री में कई सारे डार्क सीक्रेट है जिसे अक्सर कम अनुभवी लोग जान नहीं पाते जब तक की वो इस इंडस्ट्री में पैर न रखे।

जब तक काम अनुभवी या फ्रेशर कर्मचारी जान पाते है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है और करियर बदलने का विकल्प रिस्की हो जाता है या खत्म हो जाता है।

Darkest Parts of Software Developers of Indian IT Company

Attrition Rate 2022

 

Top 7 Darkest Parts of Software Developers in Hindi

दुनिया में हर जॉब्स की कुछ न कुछ कमियां है और साथ में ढेरों अच्छाइया भी मगर कमिया जब सामान्य से अधिक बढ़ जाए तो फिर उसे शोषण की श्रेणी में डाला जाता है।

आइये हम उन्ही कुछ सामान्य कमियों के बारे में जानते है की वह सबसे महत्वपूर्ण कमिया क्या है जिनपर बात किया जाना जरुरी है।

1. पैसे छापने वाली मशीन समझना – Money Printing Machine

ज्यादातर आईटी इंडस्ट्री का सबसे बड़ी काली सच्चाई dark secret यही है की एंप्लोई उस इंडस्ट्री का एक मशीनरी भर होता है।

इस क्षेत्र के आर्गेनाइजेशन अपने एंप्लॉई को मशीन की तरह उपयोग करते हैं। वह अपने अपने यहाँ काम करने वाले engineers को सिर्फ पैसे छापने वाली मशीन से ज्यादा कुछ भी नहीं समझते हैं।

आज सबसे ज्यादा एम्प्लोयी अगर किसी इंडस्ट्री में सबसे कम समय के अंतराल में अगर छोड़ते है तो वह है आईटी कम्पनिया। आईटी इन्दुस्ट्री में एट्रिशन रेट (attrition rate) बढ़ने का सबसे प्रमुख कारण यही है।

2. रिसोर्स की तरह देखना – Look as a Resource

इस इंडस्ट्री में एम्प्लोयी को रिसोर्स समझा जाना दूसरा सबसे बड़ा कारण उभरकर सामने आता है। आईटी कम्पनिया अपने यहाँ काम करने वाली एम्प्लॉई को एक संसाधन की तरह इस्तेमाल करती है।

कपनियों को इस बात से कोई फर्क नहीं परता है की उसके यहाँ काम करने वाले लोग इंसान है और वह प्यार से से पेश आने के साथ अच्छा काम का माहौल में रहने के हक़दार है।

इस इंडस्ट्री की काली सच्चाई यह है की कम्पनिया अपने यहाँ के कर्मचारी को संसाधन की तरह इस्तेमाल करती है। जो की सबसे संवेदनशीलता को दर्शाता है और यह किसी भी इंजीनियर के जीवन में Darkest Parts of Software Developers है।

जब आप कर्मचारी को संसाधन की तरह इस्तेमाल करते है तो आपको इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता की आपके कर्मचारी की तबीयत कैसी है, उसे कैसा महसूस हो रहा है और उसे काम के मजा क्यों नहीं आ रहा है। जिसकी वजह से एंप्लोई अपने आप को रिस्पेक्टफुल महसूस नहीं करते हैं और बहुत ही कम अंतराल में कंपनी छोड़ कर चले जाते हैं।

 

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3. अत्यधिक इंटेंस भरा माहौल – Very Intense Work Atmosphere

जब काम का माहौल अत्यधिक इंटेंस भरा हो जाता है तो भी कर्मचारी टिकना नहीं चाहते है और आईटी इंडस्ट्री में यह बात बहुत ही समान्य है। उच्च तीव्र काम का दबाव darkest parts of Software Developers के जीवन का हिस्सा बन जाता है।

भारतीय आईटी कम्पनिया मुख्यतः दो तरह से काम करती है:-

  • सेवा आधारित कार्य – Service based work
  • उत्पाद आधारित कार्य – Product based work

भारत में ज्यादातर सेवा आधारित कम्पनिया (Service-based IT company) ही है जहा कम्पनी को अपने ग्राहक के साथ अत्यदिक दबाव वाले वातावरन में काम करना होता है।

चुकी ग्राहक भारतीय होते है तो उनका एक्सपेक्टेशन बिदेशी ग्राहकों की तुलना में अत्यधिक गन्दा होता है। Indian it customer expectation is very messy hota hai.

ऐसे में आपको उत्पाद आधारित कंपनियां सेवा आधारित कंपनियों की तुलना में फिर भी सही माहौल देते है। जहा पर कर्मचारी चैन के साथ काम कर सकते है।

मगर सेवा आधारित भारतीय कम्पनिया अपने कर्चारियों का शोषण ज्यादा करती है।

अक्सर ऐसा देखा जाता है कि कर्मचारी अपने छुटी वाले दिन भी काम में लगे रहते है अगर कर्मचारी ऐसा नहीं करते है तो उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है।

 

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4. Only 20% Skilled Worker

यहाँ पर भी सिर्फ 20 % तक लोग ही सही तौर पर स्किल्ड होते है बाकी 40 % तक लोग कामचलाऊ स्किल्ड होते है और शेष लोग टेक्निकली स्किलड नहीं होते है फिर भी काम कर रहे होते है

ऐसे में 20 % लोग के ऊपर काम की जिम्मेदारी होती है जो अत्यधिक काम के दबाव का कारन बनती है।

5. Lack of Coding Knowledge in The Management

कर्मचारी पर दबाव ऐसे में तब और बढ़ जाता है जब उसके कम्पनी के टॉप मैनेजर्स को कोडिंग का ज्ञान ना के बराबर होता है या नहीं होता है।

ऐसे मैनेजर्स भी होते है जो दस लाइन का कोड सही से नहीं लिख पाते है। फिर उन्हें टेक्निकली हैंडल करना या समझाना बहुत मुश्किल हो जाता है।

आमतौर पर यह समस्या ज्यादातर सेवा आधारित कंपनियों में ज्यादा बड़ी हो जाती है क्युकी यहाँ पर ग्राहक की उम्मीद को पूरा करने में कम्पनिया अपने कर्मचारी पर ज्यादा दबाव डालती है और unrealistic work pressure in IT industry की वजह से कई बार कर्मचारी काम छोड़कर चले जाते है।

6. कोड लिखना पसंद नहीं – Don’t Like Writing Code

ज्यादातर सॉफ्टवेयर इंजीनियर कोड लिखने की प्रक्रिया को पसंद नहीं करते। लेकिन वो काम सिर्फ इसीलिए कर रहे होते है क्युकी वो गलती से इस प्रोफेशन में आ गए होते है।

अगर किसी ने उन्हें इस फील्ड में करियर बनाने से पहले इस IT company ki dark secret को बताया होता तो यकीनन ज्यादातर लोग इस इंडस्ट्री को ज्वाइन नहीं करते।

अगर ईमानदारी से ये कर्मचारी अपने आप को जवाब दे तो हर दस में से सात लोग इस काम को एन्जॉय नहीं करते जिसकी वजह से वो अपना बेस्ट नहीं दे पाते।

7. जल्दी रिटायर होना है मज़बूरी – You Have to Plan for Retire Early

इस इंडस्ट्री में जब आते है तो शुरुवाती कुछ साल सिखने में और मार्केट के लिए जरुरी अनुभव जुटाने में बिता देते है। और जब आप कुछ पैसा कमाने लगते है तब कुछ सालो के अंदर आपकी शादी हो जाती है।

जब आपके बच्चे बड़े हो रहे होते है और जब उनकी उच्च शिक्षा की बात आती है तब तक आप नौकरी के ढलान पर होते है।
आप यह तय नहीं कर पाते की रिटायर होने के लिए पाया इक्कठा करे की बच्चो के शिक्षा खर्च करे।

रिटायरमेंट कई बार न चाहते हुवे भी आपको लेना परता है क्युकी जिस काम को करने के लिए आप जितना पैसा चार्ज करते है उतने में कई सारे फ्रेशर कर्मचारी आसानी से उपलब्ध हो जाते है या कम अनुभवी लोगो को कुछ महीनो को ट्रेनिंग देकर वही काम कराई जा सकती है।

 

निष्कर्ष – Conclusion:

आईटी कंपनियों में काम करने के अपने कई सारे फायदे भी है मगर कई सारे डार्क सीक्रेट भी है जिसे हमें और आपको जानना जरुरी है।

यह पोस्ट उसी के लिए है जहा मैंने आपको कुछ ऐसे टॉप सीक्रेट की बात की है जिसे एक कर्मचारी के तौर पर जानने के बाद आप अपना ख्याल जरूर कर पाएंगे और शोषित होने से बचेंगे।

 

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