Skip to content

Blood Pressure Control: ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) को कैसे नियंत्रित करे ?

अनियंत्रित खान पान, खराब जीवन शैली तथा शारीरिक निष्क्रियता किसी भी प्रकार की बीमारी को आमंत्रित करने का सबसे बढ़िया जरिया है आजकल ब्लड प्रेसर चाहे High Blood Pressure (उच्च रक्चाप) हो या लो ब्लड प्रेशर (निम्न रक्तचाप) हो ये दोनों ही आजकल अनियंत्रित जिंदगी का एक समान्य हिस्सा बन गया है। विस्तार से जाने Blood Pressure Control kaise kare.

शहरो में तो ज्यादातर परिवार किसी न किसी प्रकार के रक्तचाप का शिकार है तो आइये जानते है की आखिर ब्लड प्रेशर के शिकार लोगो को किस तरह खान पान या डाइट चार्ट फॉलो करनी चाहिए तथा स्वस्थ रहने के लिए किस तरह की जीवन शैली अपनानी चाहिए

Blood Pressure Control in Hindi

 

ब्लड प्रेशर की समस्या को कैसे पहचाने

उच्च रक्त चाप यानि की ब्लड प्रेशर की समस्या को पहचानने का सबसे आसान तरीका है कि उसके लक्षण यानी कि सिम्टम्स को पहचाना जाए या अगर आप डॉक्टर के पास जाकर अगर आप अपना ब्लड टेस्ट कराते हैं और अगर आपका रीडिंग 140-90 से ज्यादा है तो यहां भी हाई ब्लड प्रेशर का संकेत है।

हालांकि इसके लक्षण आसानी से दिखाई नहीं पड़ते हैं मगर आप काफी गौर करेंगे तो इसके सिम्टम्स दिखाई देंगे।

 

उच्च रक्तचाप के कारण (High Blood Pressure Causes in Hindi)

खानपान का असंतुलित होना उच्च रक्तचाप का सबसे प्रमुख कारण है।

– हमारे दैनिक जीवन शैली असंतुलित होने के कारन कई तरह की समस्याएं उत्पन्न होने लगती है, उच्च रक्तचाप उसी में से एक है।

– कई बार जब हम असंतुलित खाना खाते हैं तो वह शरीर में अतिरिक्त चर्बी का कारण बनता है जो बाद में ब्लड प्रेशर के रूप में विकसित होने लगता है।

– मोटे व्यक्तियों में अक्सर देखा जाता है कि बीपी की समस्या आम बात होती है।

– वैसे लोग जो शारीरिक श्रम नहीं करते हैं शारीरिक गतिविधि ज्यादा नहीं करते हैं, उन लोगों के अंदर भी रक्तचाप ब्लड प्रेशर जैसी कई सारी समस्याएं उत्पन्न होने लगती है।

– ज्यादा मीठे चीजों का सेवन करने से भी हमारे शरीर में शुगर लेवल बढ़ जाता है जिसकी वजह से दिल से जुड़ी कई तरह की बीमारी को जन्म लेती है उन्ही बीमारियों में हाई बीपी की समस्या भी शरीर में जन्म लेने लगती है।

– जो लोग ज्यादा नमकीन खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं उनमें भी हाई बीपी की समस्या होने लगती है।

– बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ जैसे कि पिज़्ज़ा बर्गर चाऊमीन आदि ये सब ऐसे खानपान की वस्तुएं हैं जो उच्च रक्तचाप को जन्म देती है।

 

हाई बीपी के लक्षण (High Blood Pressure Symptoms in Hindi)

उच्च रक्तचाप की वजह से हमारे शरीर में कई तरह के लक्षण दिखने (Symptoms of Blood Pressure Patient) लगते हैं तो आइये हम जानते हैं कि आखिर ऐसा क्या क्या लक्षण है जिसको देख कर के हम आसानी से यह पता कर सकते हैं कि हमें उच्च रक्तचाप की बीमारी है या नहीं है।

जिन लोगों को उच्च रक्तचाप हो जाता है वैसे व्यक्ति के सर में अक्सर तेज दर्द होने लगता है या सर में तेज दर्द बना रहता है।

ऐसे व्यक्ति जिसको थोड़ी-थोड़ी शारीरिक परिश्रम के बाद थकावट महसूस होने लगता हो या ज्यादा तनाव होने लगता है व्यक्ति भी इस समस्या से ग्रसित हो चुके होते है यह यह भी उच्च रक्तचाप का ही एक लक्षण है।

अगर आप के सीने में दर्द महसूस होता हो और कुछ भारीपन जैसा लगता हो तो यह भी हाई बीपी की समस्या का लक्षण होता है।

अगर थोड़ी सी शारीरिक परिश्रम के बाद सांस फूलने लगता हो, सांस लेने में कठिनाई महसूस होती हो तो यह भी हाई बीपी क्या सिम्टम्स है।

अचानक ही पैर सुन्न पड़ जाता हो या बोलने में कठिनाई महसूस होता है या शरीर में कमजोरी महसूस होती हो यह सभी हाई ब्लड प्रेशर का लक्षण होता है ऐसे व्यक्तियों को जरा धुंधला धुंधला भी दिखाई देने लगता है।

 

रक्तचाप को कैसे नियंत्रित करे (How to Control Blood Pressure in Hindi)

बिना दवा के ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के कई तरीके हैं। मैं आपको इसी के बारे में विस्तार से बताऊंगा कि कैसे बिना किसी दवाई के घरेलू उपाय के द्वारा रक्तचाप को कंट्रोल कर सकते हैं।

एक अनुमान के मुताबिक लगभग 35 परसेंट से ज्यादा लोग शहर में ब्लड प्रेशर की समस्या से ग्रसित हैं।

गांव में या थोड़ी संख्या कम है मगर गांव में भी 25 परसेंट भारतीयों को उच्च रक्तचाप की समस्या है।

शरीर के अंदर कई कमियां होने कारण कोलेस्ट्रोल धमनियों पर जमा हो जाता है जिसके कारण लुमेन को संकुचित करता है और वह दीवार पर अतिरिक्त दबाव बढ़ाने में मदद मदद करता है।अनियंत्रित धमिनी के फटने के चांसेस बढ़ जाते हैं।

हाई बीपी उच्च रक्तचाप को घरेलू उपायों के द्वारा नियंत्रित करना है तो उसके लिए दैनिक जीवन में कुछ परिवर्तन आवश्यक है जैसे की

सोडियम का ग्रहण कम करें। खानपान में नमक का उपयोग कम से काम करें।

वजन का अनियंत्रित होना भी उच्च रक्तचाप का प्रमुख कारन होता है। इसलिए इस स्थिति में आपको वजन कंट्रोल करना जरूरी बन जाता है। वजन नियंत्रित करके भी उच्च रक्तचाप में आराम पाया जा सकता है।

अगर आप अल्कोहल का सेवन करते हैं तो जितना हो सके उस से दूरी बनाएं। उच्च रक्तचाप में अल्कोहल का सेवन बिलकुल ही वर्जित है।

नियमित तौर से एक्साइज, व्यायाम आदि करना चाहिए।

किसी भी तरह का धूम्रपान खतरनाक होता है और इसके कई सारे बुरे प्रभाव पड़ते हैं, इसीलिए इस से बचे।

 

ब्लड प्रेशर से पीड़ित व्यक्ति का खानपान कैसा होना चाहिए (Diet Chart of a Person Suffering From Blood Pressure)

उच्च रक्तचाप यानि की हाई ब्लड प्रेशर को अपने खान-पान के माध्यम से काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।

अगर आप अपने डाइट प्लान को कंट्रोल करके रखते हैं तो पता भी नहीं चलेगा कि एक स्वस्थ व्यक्ति में और एक उच्च रक्तचाप पेशेंट में जरा सा भी भिन्नता नजर नहीं आएगा।

आइये जानते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर मरीज का डाइट चार्ट ( Diet Chart of High Blood Pressure Patient ) क्या-क्या है जिनको अपने डाइट में शामिल करने से परहेज करना चाहिए।

– हाई ब्लड प्रेशर वाले व्यक्तियों को नमक का इस्तेमाल काफी कम करना चाहिए। नमक में पाए जाने वाला आयोडीन, सोडियम हाई ब्लड प्रेशर के लिए काफी रिस्पांसिबल होता है।

– चाय और कॉफी में मौजूद कैफीन भी ब्लड प्रेशर को बढ़ाने में के लिए जिम्मेदार होता है इसलिए चाय और कॉफी का कम सेवन करें।

नमक का सेवन बिल्कुल कम करें

– बाजार में बिकने वाले डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ में नमक की मात्रा ज्यादा होती है और इसके कई सारे ऐसे मित्रण ऐसे होते हैं जो उच्च रक्तचाप में काफी नुकसान पहुंचाते हैं इसलिए इनका सेवन नहीं करना चाहिए।

– अल्कोहल और स्मोकिंग यह भी उच्च रक्तचाप के लिए काफी जिम्मेदार होते हैं इसलिए इनका भी सेवन करने से परहेज करें, बिल्कुल नहीं करें।

– खाना खाते वक्त कम से कम नमक का इस्तेमाल करें। अगर आप ऐसे खाद्य पदार्थ ग्रहण करते हैं जिसमे नामक की मात्रा ज्यादा है तो आपके लिए नुकसानदायक सिद्ध होता है। इसीलिए इस बात का जरूर ध्यान रखें कि उसमें नमक की मात्रा काफी कम हो।

– नमक से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे कि पापर, आचार, तिलौरी, चटनी आदि जिनमें नमक की मात्रा का पूर्ण रूप से पाई जाती है ऐसे खाद्य पदार्थों से बचें।

 

पर्याप्त नींद और शारीरिक गतिविधि है जरूरी (Adequate sleep and physical activity are essential)

– प्रतिदिन कम से कम 8 घंटे का नींद होना ही चाहिए। कम नींद लेने से ब्लड प्रेशर पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए प्रतिदिन 8 घंटे का नींद जरूरी होता है।

– तनाव आदि से परहेज करें। जितना संभव हो सके दिमाग पर प्रेशर न डाले डालें।

– ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) मरीज के लिए व्यायाम ( Exercise for blood pressure patient ) काफी जरूरी होता है। नियमित रूप से एक्साइज, फिटनेस के लिए की जाने वाली गतिविधि पर ध्यान दें। रोजाना कम से कम आधे घंटे के मॉर्निंग वॉक जरूरी होता है।

– अगर आपको अपने स्वास्थ्य को मेंटेन रखना है और उच्च रक्तचाप को कंट्रोल में रखना है तो इसलिए नियमित रूप से आधे घंटे की शारीरिक गतिविधि काफी जरूरी होता है।

 

इसे भी पढ़े: Diet Plan for Diabetes Patient: डायबिटीज रोगी के लिए आहार योजना क्या होना चाहिए ?

 

– अपने डाइट प्लान में कुछ फल जैसे की केला, संतरा, नाशपाती, बादाम आदि और सब्जियों में टमाटर, सूखे मटर और आलू आदि बहुत मत्वपूर्ण है जो की आपके रक्तचाप को नियंत्रित रखता है क्युकी इनमे इनमे पोटैशियम की मात्रा प्रचुर रूप से होती है है।

– जितने भी चिकनाई या fat वाले भोजन है उनसे परहेज करे।

 

ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के घरेलु उपाय (Blood Pressure Control By Home Remedies in Hindi)

ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने का घरेलू दवाई नीचे बताया जा रहा है जिसे अगर आप अपने दैनिक जीवन के खाद्य पदार्थ में शामिल कर सकते हैं। यह एक दवाई की तरह काम करेंगे। नियंत्रित मात्रा में नियमित रूप से इसका सेवन करेंगे तो या काफी फायदेमंद पहुंचाता है।

 

लहसुन का इस्तेमाल बीपी की बीमारी में (Use of garlic in BP disease)

लहसुन का इस्तेमाल उच्च रक्तचाप में काफी फायदेमंद होता है यह एक ऐसा घरेलू दवाई है जिसकी मदद से आप उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखने में दवा की तरह उपयोग में ले सकते हैं।

 

Amla juice Control Blood Pressure

उच्च रक्तचाप में आंवले का रस (Amla juice)भी काफी फायदेमंद होता है। वैसे तो आंवला का रस कई साडी एंटीबायोटिक गुणों से भरपूर होता है जो दवा के रूप में कई सारी बीमारियों में इस्तेमाल किया जाता है।

उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में आंवला भी काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है यह घरेलू दवा के रूप में बीपी को कंट्रोल (home medicine to control BP) करने के लिए उपयोग में लिया जा सकता है।

 

काली मिर्च पाउडर Control Blood Pressure

Black pepper powder को अगर गुनगुने पानी में मिलाकर एक घोल तैयार की जाए और उसको हर दो-तीन घंटे बाद थोड़ी-थोड़ी मात्रा में ली जाए तो यह भी आपको उच्च रक्तचाप को कंट्रोल (controlling high blood pressure) करने में काफी हद तक आराम पहुंचाता है।

 

Watermelon Control BP

उच्च रक्तचाप में वाटरमेलन घरेलू दवा (Watermelon home medicine for BP control ) के रूप में उपयोग में लिया जा सकता है। वाटर मिलन में मौजूद रस काफी फायदा पहुंचाता है। मगर उसके बीच को अगर खसखस के साथ पीसकर के एक घोल तैयार करके सेवन किया जाए तो यह बीपी ट्रीटमेंट में काफी मदद पहुंचाता है।

 

Lemon juice Control Blood Pressure

लेमन जूस भी हाई ब्लड प्रेशर (Lemon juice ) के लिए काफी फायदेमंद होता है अगर हर तीन घंटे पर एक लेमन जूस तैयार करके पिया जाए तो बीपी नियंत्रित रखने में यह काफी हद तक मदद करता है और एक दवा की तरह काम करता है।

 

Home Remedies to Control Blood Pressure in Hindi

कुछ घरेलू पदार्थ जैसे की तिल के तेल का उपयोग (Sesame Oil), हल्दी का इस्तेमाल (Turmeric), नारियल पानी, अदरक का इस्तेमाल आपके ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है।

 

References

Ministry of Health and Family Welfare

भारत का राष्ट्रीय स्वास्थ्य पोर्टल, प्रामाणिक स्वास्थ्य का प्रवेश द्वार

Leave a Reply

Your email address will not be published.